यह यात्रा एक गहन आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करती है, जिसमें श्रद्धालु आंतरिक परिक्रमा के माध्यम से आत्मिक शांति और आध्यात्मिक जागृति की अनुभूति करते हैं। यह मार्ग विशेष रूप से उन भक्तों के लिए है जो गहराई से जुड़ाव और साधना की तलाश में हैं।
पंजीकरण प्रक्रिया
Note:
आपका भरोसा ही हमारा लक्ष्य है! आपकी सेवा ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। तथापि, किसी भी प्रकार के औद्योगिक विवाद के कारण रद्दीकरण, परिवहन तकनीकी खराबी, आय हानि, देरी आने या अप्रत्याशित घटना के कारण, एयरलाइन अधिकारियों द्वारा कोई अधिनियम, या हमारे नियंत्रण से परे कोई भी घटना के चलते यदि यात्रा रद्द होती है, तो उसके लिए हम उत्तरदायित्व नहीं होंगे। परंतु इसके विपरीत, यदि आप अपनी यात्रा स्वयं ही कैंसिल करना चाहते हैं, तो आपको अपना कैंसिलेशन अनुरोध ट्रिप टू टेम्पल्स को लिखित तौर पर देना होगा। हमें जैसे ही आपका कैंसिलेशन अनुरोध प्राप्त होगा, हम निम्नलिखित
और अधिक जानकारी के लिए, ट्रिप टू टेम्पल्स द्वारा नियम एवं शर्तें पढ़ें।
यदि आप यात्रा से 45-150 दिन पूर्व अपनी यात्रा कैंसिल करते हैं, तो आपके यात्रा पैकेज का कुल रिफंड मिल जाएगा। अपवाद है कि पंजीकरण राशि; भारतीय पासपोर्ट धारक यात्रियों के लिए 15,000 रुपये और गैर-भारतिय पासपोर्ट धारक/NRIs के लिए 300 अमेरिकी डॉलर, वापस नहीं किये जायेंगे।
यदि आप यात्रा से 30-45 दिन पूर्व अपनी यात्रा कैंसिल करते हैं, तो आपके यात्रा पैकेज का 75% रिफंड मिल जाएगा। अपवाद है कि पंजीकरण राशि; भारतीय पासपोर्ट धारक यात्रियों के लिए 15,000 रुपये और गैर-भारतिय पासपोर्ट धारक/NRIs के लिए 300 अमेरिकी डॉलर, वापस नहीं किये जायेंगे।
यदि आप यात्रा से 30 या उस से कम दिनों पूर्व, किसी अन्य व्यक्तिगत कारण से, अपनी यात्रा कैंसिल करते हैं, तो तो आपको कोई रिफंड नहीं मिलेगा।
काठमांडू या लखनऊ होटल (4 स्टार) में पहुंचे, जहां आपके ठहरने तथा रात्रिभोजन की व्यवस्था की गई है रात्रिभोजन परिवहन होटल
सुबह नाश्ते के बाद, लखनऊ से नेपालगंज की ओर जाने के लिए एक निजी एसी कोच में करीब 4-5 घंटे तक की ड्राइव करें। शाम होते ही हमारे प्रतिनिधि आपको कैलाश यात्रा का विवरण देंगे। रात्रि विश्राम नेपालगंज के सिद्धार्थ होटल में करें। रात्रिभोज परिवहन होटल
सुबह होते ही सभी यात्रियों को एयरपोर्ट तक लाया जाएगा, जहाँ से आप सिमीकोट जाने के लिए फ्लाइट से उड़ान भरेंगे। सिमीकोट पहुंचे और उसके बाद कुछ देर विश्राम करेंगे; फिर हेलीकॉप्टर से उड़ान भरेंगे कुछ देर यात्रा तय करने के बाद हिलसा पहुँचेंगे। नेपालगंज से होते हुए सिमीकोट तक की यात्रा करके पहुंचे, जिसमें लगभग 40 से 50 मिनट का वक्त लगेगा तथा सिमीकोट से हिल्सा तक की दूरी हेलीकॉप्टर से तय करने में लगभग 10 से 20 मिनट की रहेगी। यहाँ पर अपने समूह के बाकी अन्य सदस्यों से मुलाकात होगी, फिर पुरंग की ओर जाने के लिए रवाना होंगे। होटल पुरंग या होटल हिमालय में रात्रि विश्राम। ब्रेकफास्ट लंच डिनर फ्लाइ दर्शनीय स्थल परिवहन होटल
आपको एक पूरे दिन विश्राम करने का मौका दिया जाएगा। इस दौरान आपका शरीर उच्च ऊँचाई में रहने तथा मौसम के हिसाब से खुद को ढाल लेगा। पवित्र कैलाश यात्रा की तैयारी करने के लिए शॉर्ट ट्रेक पर समूह के सारे यात्रियों को लेकर जाया जा सकता है। रात्रि में होटल हिमालय या होटल पुरंग में विश्राम करें। पुरंग, एक छोटा एवं साफ-सुथरा शहर है, यहां आपको कई दुकानें भी मिल जाएँगी। इन दुकानों से यात्री पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए ज़रूरी सामान की खरीदारी भी कर सकते हैं, जैसे कि ट्रेकिंग स्टिक, थोड़े बहुत पैक्ड जूस तथा मानसरोवर झील के पवित्र जल को लाने के लिए एक खाली गैलन की भी खरीदारी करें। अगर आप मोलभाव में रुचि रखते हैं तो ये दुकानें आपके लिए सही है क्योंकि इन छोटी दुकानों पर मोलभाव की भी सुविधा होती है। ब्रेकफास्ट लंच डिनर दर्शनीय स्थल परिवहन होटल
निजी एसी गाड़ी से मानसरोवर झील तक की करीब 2 घंटे की ड्राइव करें तथा वहां से मानसरोवर झील की परिक्रमा आरंभ करें। लगभग 105 किमी की पवित्र झील परिक्रमा करने के बाद पवित्र स्नान करें एवं उसी दिव्य मानसरोवर झील में पूजा करें। मानसरोवर झील से वापस आते वक्त आपको कैलाश के पहले दिन का दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त होगा। स्नान के वक्त, वहां पवित्र मानसरोवर झील के ठीक बगल में स्थित, दिव्य कैलाश पर्वत के दर्शन करने का अनुभव प्राप्त करें। रात्रि में मानसरोवर झील के बगल में, गेस्ट हाउस में विश्राम करें। परमिट मिलने पर मानसरोवर झील की दिव्यता को देखने के लिए रात में या सुबह( ब्रह्म मुहूर्त) में जाएं। ब्रेकफास्ट लंच डिनर दर्शनीय स्थल परिवहन ठहरना
सुबह हमलोग मानसरोवर झील से दारचेन की ओर जाएंगे। इसे कैलाश पर्वत परिक्रमा का बेस भी माना जाता है। शाम का समय खाली है; थोड़ा आराम करें तथा कैलाश पर्वत की परिक्रमा के लिए तैयार हो जाएं। नाश्ता दोपहर का भोजन रात्रिभोज बस दर्शनीय स्थल परिवहन होटल
यमद्वार की ओर जाएंगे तथा वहां से दिरापुक की यात्रा शुरु करेंगे, जो कि पवित्र कैलाश पर्वत की परिक्रमा के पहले दिन 10 किमी की यात्रा है। पहले दिन की परिक्रमा से कैलाश पर्वत के उतरी मुख का दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त करें। सभी यात्रियों को यह सुझाव दिया जाता है कि बाहरी परिक्रमा केवल तभी ट्रेक द्वारा करें जब पोनी उपलब्ध हो (भुगतान के आधार पर), जिससे हमें आंतरिक परिक्रमा ट्रेक के लिए, ट्रेक अभ्यास प्राप्त करने में काफी मदद मिलेगी। ब्रेकफास्ट लंच डिनर परिवहन दर्शनीय स्थल होटल
दूसरे दिन, हम पवित्र कैलाश पर्वत के चरणस्पर्श की यात्रा पर निकल जाएंगे, इस 5-7 किमी की यात्रा को पूर्ण करने में करीब 3-5 घंटे का समय लगता है। यहां से हमलोग पवित्र कैलाश पर्वत के उतरी भाग को देखने में सक्षम होंगे। वापस आने के बाद पूरे दिन आराम करें, ताकि अगले दिन 22 किलोमीटर की ट्रेक के लिए अच्छा महसूस कर सकें। ब्रेकफास्ट लंच डिनर परिवहन दर्शनीय स्थल ठहरना
तीसरे दिन सुबह जल्दी उठकर,कैलाश पर्वत परिक्रमा के लिए डोलमा ला दर्रे तथा फिर ज़ुथुलपुक तक की 22 किमी कि अपनी यात्रा का शुभारंभ करें। आपको समुद्र तल से करीब 18,600 फिट की ऊंचाई तक ट्रेकिंग करनी होगी, इसलिए इसे कैलाश पर्वत यात्रा का सबसे कठिन हिस्सा माना जाता है। डोलमा ला दर्रे से, आप गौरी कुंड तक उतरे तथा नदी के किनारे ज़ुथुलपुक तक आगे बढ़ते रहें। रात्रि विश्राम के लिए गेस्ट हाउस या लॉज में रहें। कैलाश पर्वत परिक्रमा, तीसरा दिन, आपको 6-7 किलोमीटर (5600 मीटर पर डोलमा ला दर्रे तक) की चढ़ाई करें। अत्यधिक खड़ी होने के कारण इसे यात्रा का सबसे कठिन हिस्सा भी कहा गया है। कैलाश यात्रा की ये चढ़ाई पूर्ण करने के लिए यात्रियों को यह सलाह दी जाती है कि वे इसे आराम से, समय लेकर पूर्ण करें, और कहीं पर भी उन्हें किसी भी तरीके की परेशानी महसूस होती है तो वे आराम करें। पहले चढ़ाई के 6-7 किमी के बाद, 16 किमी की चढ़ाई बिल्कुल अपेक्षाकृत समतल, ढलानदार एवं आरामदायक हैं। महत्वपूर्ण: आप शिवस्थल ( तिब्बतियों के लिए एक पवित्र स्थान; ऐसा माना जाता है कि यहाँ जो कुछ भी आप भेंट चढ़ाते हैं आपको वापस स्वर्ग में मिलता है) तथा गौरी कुंड से गुजरेंगे। डोलमा ला दर्रे के बाद, नदी के तट किनारे एक लंबा, सुखद ट्रेक शामिल है। यहां से आपको कैलाश पर्वत का पूर्वी मुख दिखाई पड़ेगा जिसे अत्यधिक शुभ माना गया है। नाश्ता दोपहर का भोजन रात्रिभोज दर्शनीय स्थल होटल
एक छोटी ट्रेक के बाद हम दारचेन पहुंच जायेंगे। रात्रि को दारचेन में रुकें। ब्रेकफास्ट लंच डिनर परिवहन दर्शनीय स्थल ठहरना
सुबह नाश्ते के बाद पुरंग की ओर ड्राइव करें। रात्रि को पुरंग में गेस्ट हाउस में ठहरे। ब्रेकफास्ट लंच डिनर परिवहन दर्शनीय स्थल ठहरना
ऐसी कोच से हिलसा तक की ड्राइव करें। हेलीकॉप्टर से सिमिकोट जाने के लिए उड़ान भरें, उसके बाद हवाई जहाज से नेपालगंज पहुंचे फिर वहां से ड्राइव करके लखनऊ पहुंच जायेंगे। रात्रि को 4 स्टार होटल में विश्राम करें। ब्रेकफास्ट लंच डिनर कार यात्रा हवाई यात्रा परिवहन हेलीकॉप्टर
सुबह नाश्ते के बाद, आपको अपने गंतव्य की ओर जाने के लिए छूट है। भगवान शिव का आशीर्वाद लेकर ये यात्रा यहीं समाप्त होती है। नाश्ता परिवहन
पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा
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