यह यात्रा एक आध्यात्मिक और अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करती है, जिसमें हेलीकॉप्टर द्वारा सुविधाजनक और आरामदायक मार्ग से यात्रा की जाती है। यह विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए उपयुक्त है जो कम समय में मानसरोवर यात्रा पूरी करना चाहते हैं।
पंजीकरण प्रक्रिया
अपनी यात्रा पैकेज अनुसार अपना वास्तविक पंजीकरण फॉर्म भरें
अपने पैकेज का रजिस्ट्रेशन अमाउंट (जो नॉन-रिफंडेबल है) हमारी कंपनी के कॉरपोरेट अकाउंट (आप ये ऑनलाइन भी कर सकते हैं) में जमा कराने के बाद, रजिस्ट्रेशन फॉर्म में दिए गए ट्रांजैक्शन नंबर वाले खंड में लिखें
पहचान प्रमाणों की स्व-सत्यापित प्रति, जैसे वैध भारतीय पासपोर्ट या वोटर आईडी, और दो तस्वीरें संलग्न करें। पैन कार्ड और टीसीएस की प्रति, पंजीकरण फॉर्म, वैध पहचान प्रमाण आईडी, और ट्रांजैक्शन नंबर को स्कैन करके ईमेल करें: info@triptotemples.com (cc accounts@triptotemples.com और adik@triptotemples.com) पर; और मूल स्व-सत्यापित प्रतियाँ हमारे कार्यालय के आधिकारिक पते पर कूरियर कर दें
Note:
ऊपर दिए गए सारे दस्तावेज़, यात्रा तिथि से एक महीने पूर्व भेजना होगा
यात्रा के दौरान अपना वास्तविक पासपोर्ट (प्रथम प्राथमिकता) या मतदाता पहचान पत्र (द्वितीय विकल्प) साथ रखें
कैंसिलेशन एवं रिफंड नीति
आपका भरोसा ही हमारा लक्ष्य है! आपकी सेवा ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। तथापि, किसी भी प्रकार के औद्योगिक विवाद के कारण रद्दीकरण, परिवहन तकनीकी खराबी, आय हानि, देरी आने या अप्रत्याशित घटना के कारण, एयरलाइन अधिकारियों द्वारा कोई अधिनियम, या हमारे नियंत्रण से परे कोई भी घटना के चलते यदि यात्रा रद्द होती है, तो उसके लिए हम उत्तरदायित्व नहीं होंगे। परंतु इसके विपरीत, यदि आप अपनी यात्रा स्वयं ही कैंसिल करना चाहते हैं, तो आपको अपना कैंसिलेशन अनुरोध ट्रिप टू टेम्पल्स को लिखित तौर पर देना होगा। हमें जैसे ही आपका कैंसिलेशन अनुरोध प्राप्त होगा, हम निम्नलिखित
शर्तों पर आपकी यात्रा कैंसिल करेंगे:
यदि आप यात्रा से 45-150 दिन पूर्व अपनी यात्रा कैंसिल करते हैं, तो आपके यात्रा पैकेज का कुल रिफंड मिल जाएगा। अपवाद है कि पंजीकरण राशि; भारतीय पासपोर्ट धारक यात्रियों के लिए 15,000 रुपये और गैर-भारतिय पासपोर्ट धारक/NRIs के लिए 300 अमेरिकी डॉलर, वापस नहीं किये जायेंगे।
यदि आप यात्रा से 30-45 दिन पूर्व अपनी यात्रा कैंसिल करते हैं, तो आपके यात्रा पैकेज का 75% रिफंड मिल जाएगा। अपवाद है कि पंजीकरण राशि; भारतीय पासपोर्ट धारक यात्रियों के लिए 15,000 रुपये और गैर-भारतिय पासपोर्ट धारक/NRIs के लिए 300 अमेरिकी डॉलर, वापस नहीं किये जायेंगे।
यदि आप यात्रा से 30 या उस से कम दिनों पूर्व, किसी अन्य व्यक्तिगत कारण से, अपनी यात्रा कैंसिल करते हैं, तो तो आपको कोई रिफंड नहीं मिलेगा।
और अधिक जानकारी के लिए, ट्रिप टू टेम्पल्स द्वारा नियम एवं शर्तें पढ़ें।
पहले दिन आप काठमांडू पहुंचे जहां हमारे प्रतिनिधि आपका इंतजार कर रहे होंगे। काठमांडू एअरपोर्ट से होटल की ओर स्थानांतरण। इसके बाद पशुपतिनाथ मंदिर के साथ-साथ और भी अन्य स्थलों के भ्रमण के लिए निकलेंगे। रात्रि में होटल शंकर या होटल रॉयल सिंगी या इनके जैसे ही किसी होटल में ठहरेंगे। लंच डिनर परिवहन दर्शनीय स्थल होटल
सुबह के नाश्ते के बाद एयरपोर्ट से नेपालगंज के लिए हवाई उड़ान भरेंगे। नेपालगंज पहुंचते ही यात्रियों को होटल में विश्राम के लिए ठहराया जाएगा। शाम होते ही आपको यहीं से आगे की यात्रा के बारे में जानकारी दी जाएगी। रात्रि को नेपालगंज के होटल सिग्नेट या होटल सिद्धार्थ या इनके जैसे ही किसी होटल में रुक कर विश्राम करेंगे। ब्रेकफास्ट लंच डिनर फ्लाइट परिवहन होटल
सुबह होते ही सभी यात्रियों को एयरपोर्ट तक लाया जाएगा, जहाँ से आप सिमीकोट जाने के लिए फ्लाइट से उड़ान भरेंगे। सिमीकोट पहुंचने के बाद कुछ देर विश्राम करेंगे फिर हेलीकॉप्टर से उड़ान भरके हिलसा पहुँचेंगे। यहाँ पर अपने समूह के बाकी अन्य सदस्यों से मुलाकात होगी फिर पुरंग की ओर जाने के लिए रवाना होंगे। होटल पुरंग या होटल हिमालय में रात्रि बिताए । नेपालगंज से होते हुए सिमीकोट तक की यात्रा करके पहुचेंगे, जिसमें लगभग 40 से 50 मिनट का समय लगेगा तथा सिमीकोट से हिल्सा तक की दूरी हेलीकॉप्टर से तय करने में लगभग 10 से 20 मिनट लगेंगे। ब्रेकफास्ट लंच डिनर फ्लाइट दर्शनीय स्थल परिवहन होटल
आपको एक पूरे दिन विश्राम करने का मौका दिया जाएगा। इस दौरान आपका शरीर ऊंचाइयों में रहने तथा मौसम के हिसाब से ढलने के लिए समर्थ होगा। पवित्र कैलाश यात्रा की तैयारी करने के लिए शॉर्ट ट्रेक पर समूह के सारे यात्रियों को लेकर जाया जा सकता है। रात्रि में होटल हिमालय या होटल पुरंग में विश्राम करेंगे। पुरंग एक छोटा एवं साफ-सुथरा शहर है, यहां पर आपको कई दुकानें भी स्थित मिल जाएँगी। इन दुकानों से समूह के यात्री पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए अत्यंत ज़रूरी सामान की खरीदारी भी कर सकते हैं। जैसे कि ट्रेकिंग स्टिक, थोड़े बहुत पैक्ड जूसेस तथा मानसरोवर झील के पवित्र जल को लाने के लिए एक खाली गैलन भी खरीद सकते हैं, यहाँ आसानी से जरूरी वस्तुएं मिल जाएंगी। अगर आप मोलभाव में रुचि रखते हैं तो इन दुकानों से आप उचित भाव पर सामान खरीद पाएंगे, क्योंकि इन छोटी दुकानों पर मोलभाव की भी सुविधा होती है। ब्रेकफास्ट लंच डिनर दर्शनीय स्थल परिवहन होटल
पुरंग से AC वोल्वो बस के द्वारा मानसरोवर झील तक पहुँचेंगे, जिसे तय करने में लगभग 2 घंटे का समय लगेगा। इसके तुरंत बाद मानसरोवर झील की परिक्रमा कराई जाएगी। मानसरोवर झील की परिक्रमा लगभग 105 किमी की है। मानसरोवर झील में समूह के सभी यात्री पवित्र स्नान कर सकते हैं, तथा इसके किनारे तट पर पूजा अर्चना भी कर सकते हैं। मानसरोवर झील पहुंचते ही आपको पवित्र कैलाश पर्वत की पहली झलक देखने का सौभाग्य प्राप्त होगा। पवित्र कैलाश पर्वत को देखते ही कई बार यात्रियों की आँखें नम हो जाती हैं। रात्रि में मानसरोवर के किराने गेस्ट हाउस में विश्राम करेंगे। मौसम अनुकूल रहने पर रात्रि में ही या सुबह (ब्रह्म मुहूर्त) में मानसरोवर झील देखने के लिए जाएंगे। इस समय पर मानसरोवर झील की अलौकिक सुंदरता से भरे नज़ारे देखने का सौभाग्य प्राप्त होग। ब्रेकफास्ट लंच डिनर परिवहन दर्शनीय स्थल आवास
मानसरोवर झील से कुछ दूरी तय करने पर दारचेन स्थित है, जो कि कैलाश परिक्रमा तथा अष्टपद दर्शन का बेस भी माना जाता है। अष्टपद का दर्शन तभी संभव है जब चीनी अधिकारी इसकी आज्ञा दे दें। रात्रि में विश्राम करने के लिए होटल हिमालय में रुकेंगे। ब्रेकफास्ट लंच डिनर परिवहन दर्शनीय स्थल होटल
पवित्र कैलाश पर्वत की परिक्रमा के पहले दिन सुबह जल्दी उठें उसके बाद यमद्वार की ओर शीघ्र रवाना होंगे। यमद्वार से ही डिरापुक जाने के लिए ट्रेकिंग की शुरुआत होती है। पहले दिन करीब 10 किमी का ट्रेक होगा। इसी दौरान पवित्र कैलाश पर्वत के उत्तर मुख के दर्शन भी आपको प्राप्त होंगे। कैलाश पर्वत के उत्तर मुख को देखना बेहद पवित्र माना जाता है तथा इसके दर्शन करने से अनुयायियों को भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। जो यात्री कैलाश परिक्रमा के लिए नहीं जाना चाहते, उन्हें यमद्वार से ही वापस दारचेन की ओर लाया जाएगा, जो करीब 30 मिनट की दूरी पर स्थित है। अगले दो दिन तक वे सभी यात्री गेस्ट हाउस में ही रुकेंगे तथा वहीं से आप कैलाश पर्वत के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त कर पाएंगे। विशेष: पवित्र कैलाश पर्वत की परिक्रमा पर जाना एक वैकल्पिक यात्रा रहेगा। कई सक्षम यात्री पैदल परिक्रमा पर भी जाते हैं तो कई यात्री घोड़े का सहारा लेते हैं परिक्रमा को पूर्ण करने के लिए, कुछ यात्री बुजुर्ग होने के कारण परिक्रमा पर न जाने का फैसला करते हैं। जो यात्री परिक्रमा पर नही जाते हैं उन्हें दारचेन के गेस्ट हाउस में ठहराया जाता है। न जाने वाले यात्री के लिए गेस्ट हाउस में ही खाने की व्यवस्था भी करवाई जाती है। इस गेस्ट हाउस से पवित्र कैलाश पर्वत आसानी से देखा जा सकता है। गेस्ट हाउस में रहते हुए भी न जाने वाले यात्री कैलाश पर्वत की पूजा का लाभ उठा सकेंगे। दारचेन में ठहरने वाले यात्री तीसरे दिन अपने बाकी ग्रुप को जॉइन करेंगे, जो परिक्रमा पूरी कर वापस लौटेंगे। ब्रेकफास्ट लंच डिनर दर्शनीय स्थल परिवहन होटल
पवित्र कैलाश पर्वत परिक्रमा करने के दूसरे दिन भी सभी यात्रियों को जल्दी उठना होगा। दूसरे दिन करीब 22 किमी की ट्रेकिंग करनी होगी, जो कि डिरापुक से डोलमा ला दर्रा से होते हुए ज़ुथुल्फुक पर समाप्त होती है। यह कैलाश मानसरोवर की यात्रा का सबसे मुश्किल पड़ाव माना जाता है। इस ट्रेकिंग के दौरान आप समुद्र तल से लगभग 18,600 फीट की ऊँचाई पर होंगे। डोलमा ला दर्रा सबसे ऊँचाई वाली जगह है। इसके बाद गौरी कुंड के रास्ते ज़ुथुल्फुक तक पहुंचेंगे। गेस्ट हाउस में रात्रि को विश्राम करेंगे। पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा के दूसरे दिन की शुरुआत में लगभग 6 से 7 किमी की ट्रेकिंग काफी चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। डोलमा ला दर्रा करीब 5600 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। इस दौरान यात्री को काफी खड़ी चढ़ाई वाले रास्ते को पार करना होता है। यात्रियों को इस सफर को पूर्ण करने के लिए पर्याप्त समय प्रदान किया जाता है। अपनी सुविधा तथा क्षमता के अनुसार यात्रीगण यह ट्रेक पार करते हैं। बीच में कई बार यात्रियों को रुकना भी होता है। शुरुआती की 7 किलोमीटर के बाद आगे के 15-16 किलोमीटर तक का रास्ता सीधा या नीचे उतरने वाला होता है, जिसे पार करने में यात्रियों को कोई खास परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। विशेष: दूसरे दिन की ट्रेकिंग के दौरान हमलोग शिवस्थल तथा गौरी कुंड से होकर गुजरेंगे। यह जगह न केवल हमारे लिए बल्कि तिब्बतियों के लिए भी विशेष महत्व रखती है। यह माना जाता है कि शिवस्थल पर आप जो भी भेंट अर्पण करेंगे, वह वापस आपको स्वर्ग में मिलेगी। डोलमा ला दर्रा के आगे का सफर बहुत ही दिलचस्प, सुंदर तथा मनमोह लेने वाला है। आप नदी के किनारे ट्रेक करेंगे तथा साथ ही आपको पवित्र कैलाश पर्वत के पूर्व मुख के दर्शन भी प्राप्त हो सकेंगे। ब्रेकफास्ट लंच डिनर दर्शनीय स्थल आवास
कैलाश पर्वत की परिक्रमा के तीसरे एवं आखिरी दिन करीब 8 किमी की ट्रेकिंग शामिल होती है, जिसे पूरा करने में करीब 3 घंटे का समय लग जाता है। आमतौर पर या ट्रेकिंग सुबह 10 बजे तक पूरी हो जाती है। परिक्रमा जब पूरी हो जाएगी तब वापस दारचेन की ओर आएँगे, जहाँ हमारी मुलाकात अपने ग्रुप के अन्य टीम मेंबर से होगी, जो परिक्रमा में शामिल नहीं थे। इसके बाद डोंगबा की ओर वापस लौटेंगे। रात्रि विश्राम Hotel Xixa Panama / Mu being Chung (अथवा इनके जैसे ही किसी होटल) में होगा। ब्रेकफास्ट लंच डिनर दर्शनीय स्थल आवास
डोंगबा से हिल्सा तक की वातानुकूलित वाहन के ज़रिए वापस लौटेंगे। हिल्सा से सिमीकोट तक हेलीकॉप्टर राइड रहेगी तथा फिर नेपालगंज एवं काठमांडू तक की फ्लाइट पकड़ेंगे। रात्रि विश्राम होटल शंकर या फिर होटल रॉयल सिंगी (अथवा अन्य किसी 4-स्टार होटल) में रहेगा। ब्रेकफास्ट लंच डिनर फ्लाइट हेलीकॉप्टर आवास परिवहन
अंतिम दिन सभी यात्री ढेर सारी यादें तथा भगवान शिव के आशीर्वाद एवं कृपा के साथ अपने घर के लिए रवाना होंगे। काठमांडू के एयरपोर्ट तक छोड़ने की सुविधा हमारे प्रतिनिधि के द्वारा प्रदान की जाएगी। ब्रेकफास्ट परिवहन नोट: यात्रा के दौरान परिवर्तनशील परिस्थितियों में, यात्रा विवरणी में परिवर्तन/संशोधन का अधिकार केवल संयोजक के पास रहेगा।
पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा
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